अपने प्यार का इज़हार करने के लिए मैं तुझसे मिलने निकल गई थी दिल थोड़ा बेचैन सा हो रहा थ अपने प्यार का इज़हार करने के लिए मैं तुझसे मिलने निकल गई थी दिल थोड़ा बेचैन ...
मैं न जाने कब इनका ही एक तिनका हो गया। मैं न जाने कब इनका ही एक तिनका हो गया।
सुबह के भूले,जब घर लौटे घर तो था दीवार नहीं थी अंधेरा फिर भी रौशन था अंधेरे की चाह न सुबह के भूले,जब घर लौटे घर तो था दीवार नहीं थी अंधेरा फिर भी रौशन था अं...
दो सबको आस व साहस दो सबको आस व साहस
उजाले को थोड़ा आने तो दे। महसूस उसको करने तो दे अश्रु बहाये है अभी-अभी। नयनो का मुस्कुराना बाक... उजाले को थोड़ा आने तो दे। महसूस उसको करने तो दे अश्रु बहाये है अभी-अभी। नय...
आखिर कब तक रह सकता है आखिर कब तक रह सकता है